श्री अटल बिहारी वाजपेयी की विदेशी-नीति  (मार्च 19, 1998-मई 22, 2004)

श्री अटल बिहारी वाजपेयी की विदेशी-नीति (मार्च 19, 1998-मई 22, 2004)

ByDr. Ratnesh Ranjan

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श्श्री अटल बिहारी वाजपेयी एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नेता हैं, जो सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सुविख्यात हैं। सन् 1985 को छोड़कर पिछले 50 वर्षों के कालखण्ड में संसद के किसी-न-किसी सदन के सदस्य रहे हैं। लगभग पाँच दशकों तक भारतीय संसद में अपनी गौरवपूर्ण उपस्थिति से देश और संसद की गरिमा की वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देते रहे हैं। कई बार अंतर्राष्ट्रीय मंच पर वे भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं।' फरवरी 1994 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री पी० वी नरसिम्हा राव के विशेष आग्रह पर आपने जेनेवा में मानवाधिकारों के सम्मेलन में न केवल भारत का प्रतिनिधित्व किया अपितु प्रतिपक्ष के नेता द्वारा सरकार का पक्ष प्रस्तुत किए जाने की यह घटना अपने आप में सभी राष्ट्र प्रमुखों के लिए आश्चर्य और भारत के लोकतंत्र के प्रति निष्ठा और विश्वास कर अवसर बनीं। यह वाजपेयी जी के व्यक्तित्व का बहुमुखी प्रतिभा का ज्वलंत उदाहरण हैं।' सरकार के अपने प्रतिपक्ष के नेता पर जो विश्वास किया, वह संसदीय, इतिहास की अनमोल घटना हैं। यह घटना उसी प्रकार की है-जब आचार्य नरेन्द्र देव, काँग्रेस से अलग होकर सोशलिस्ट पार्टी बनाए थे, और उनकी पार्टी का घोषणा-पत्र, उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री संपूर्णा नन्द जी ने तैयार की थी।

Details

Publication Date
Jan 8, 2024
Language
Hindi
ISBN
9781304837356
Category
Education & Language
Copyright
All Rights Reserved - Standard Copyright License
Contributors
By (author): Dr. Ratnesh Ranjan

Specifications

Format
EPUB

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