Kalrav

Kalrav

ByVibha Rani Srivastava

This ebook may not meet accessibility standards and may not be fully compatible with assistive technologies.
परिवर्तन जीवन का नियम है लेकिन यह नियम जितना शाश्वत है इसकी स्वीकार्यता उतनी सहज नहीं । परिवर्तन का विरोध हर स्तर पर सदा होता आया है । साहित्य भी इससे अछूता नहीं । साहित्य जीवन का प्रतिबिम्ब है इसलिए परिवर्तन का नियम इस पर भी लागू होता है और परिवर्तन के विरोध की सामान्य प्रवृति के कारण निराला की " जूही की कली " जैसी उत्कृष्ट कविता भी कभी अप्रकाशित लौट आई थी । आज हिंदी में जापानी विधाओं को लिखने का चलन बढ़ रहा है लेकिन इनको देखकर नाक-भौं चढ़ाने वाले भी कम नहीं । इसी प्रकार फेसबुक पर लिखी जा रही कविता के प्रति भी पुराने साहित्यकार वक्रदृष्टि रखते हैं ।

Details

Publication Date
Dec 10, 2015
Language
Hindi
Category
Poetry
Copyright
All Rights Reserved - Standard Copyright License
Contributors
By (author): Vibha Rani Srivastava

Specifications

Format
EPUB

Ratings & Reviews